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गुरुवार, अगस्त 26, 2010
मदर टेरेशा एक युग
मदर टेरेशा आज हमारे बीच नहीं है मगर वो एक ऐशी पवित्र आत्मा है जो किसी न किसी रूप मैं हमारे आस पास होने का एहसाश कराती हैं. आज हमरे विश्व को ऐशीही पवित्र आत्मा की जरुरत हैं. आज हम जिस दुनिया मैं हैं. उस दुनिया मैं मदर टेरेशा का होना एक कल्पना मात्र बन के रह गयी हैं. आज अपने बेगाने होने लगें हैं शायद ये आज की समय की मांग हैं या सिकुर्ती दुनिया कारण जो भी हो. आज आदमी या मनुष्य की अन्तर आत्मा मर चुकी हैं या तो जीवित ही नहीं हो पायी हैं. मदर ने जिस तरह दुनिया को शिखाया की मनुष्य असहाय मानव की किश तरह मदद कर सकता हैं अगर उसके अंदर मानव के प्रति प्रेम हैं तो वो उनसे दूर नहीं रह सकता. आज इस दुनिया मैं मदर टेरेशा की बहुत जरूत हैं. आज जिसे देखो वो ही पराया हैं . आज मानव जाती को जरुरत हैं मदर टेरेशा की काश हमारे विश्व मैं आज मदर टेरेशा फिर से जीवित हो जाये. मदर टेरेशा एक मानव नहीं थी किय्नोकी मानव मैं इतनी शक्ति हो ही नहीं सकती वो तो एक पवित्र आत्मा थी. जो जाती धर्म से ऊपर की आत्मा थी. जिस ने अपने जीवन काल मैं सिर्फ सेवा और सिर्फ सेवा की वो किसी एक कोम की हो ही नहीं सकती. वो हमारे जैसे मानव जाती के लिए वरदान थी. जिसे हम ने खो दिया. आज सारा विश्व उस पवित्र आत्मा की पूजा कर रहा है. हमभी अपने निश्चल भाव से उनके चरणों मैं श्रधा के फूल चढ़ाएं और प्राथना करे की हैं माँ जिस तरह तुम्हारे अंदर ताकत थी काश उस ताकत और शक्ति का एक कतरा भी हमारे भीतर समां जाये तो मैं अपने मानव जीवन को धन्य मानु.
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