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बुधवार, सितंबर 28, 2011

बिहार मैं सुशासन
मैं आज बोरिंग रोड से गुजर रहा था. बोरिंग रोड पटना का वो इलाका है जंहा बिहार के बड़े बड़े आदमी रहते है. सीएम का अपना घर भी बोरिंग रोड के इलाके मैं है. बात अब सुशासन की बिहार सरकार दम्भ भारती हैं की उसने बिहार मैं शांति लाई हैं. बात सही भी हैं. बात होती हैं स्पेडी ट्रयल की तो देखा जाये तो मात्र सिर्फ चोर तथा आर्म्स एक्ट मैं सजा हो रही हैं. बड़े बड़े अपराधी सता का संरक्षण प्राप्त कर आराम से स्कॉट के साथ घूमते हैं. ऐसा ही एक नाम हैं आनंत सिंह जो उन्हें जानते हैं उनके नज़र मैं वो एक माफिया या डकैत हैं. उनकी जगह जेल मैं होनी चाहिए. पुलिस को उनको पकड़ना चाहिए तो वो उनकी  गाड़ी के साथ साथ आगे चलते हैं. और उनके लिए रास्ते मैं आने वाली गाड़ी या अन्य सवारी को हटाते चलते हैं. किंयो की छोटे सरकार को सत्ता का संरक्षण प्राप्त हैं. और उनके दम पर तो सरकार चलती हैं. आखिर वो एक विधायक हैं. और नितीश के लाडले भी हैं.सत्ता का खेल इन्ही के भरोसे खेला जाता हैं. इनको जेल हो तब जाने की बिहार सरकार कानून को लागु करवाना चाहतें हैं. कोन से वो काम नहीं करते हैं छोटे सरकार जो कानून की किताब मैं नाजायज़ हैं. मज्जाल हैं की कोई उनपर ऊँगली उठा दे. आखिर सत्ता को उनकी जरुरत हैं. आप बिहार मैं आके देखे ये RTI  डाल के देखे तो आपको पता चाल जयेगा की सजा किसे मिलती हैं जिनका कोई नहीं. जो गरीब हैं. बड़े सीकारी तो आराम से घूम रहे हैं वो भी पुलिस के साथ.क्या इसी का नाम सुशासन हैं? तो साहब हमें माफ करे.